नज़र से नज़र को सलाम आ रहे हैं , फिर उनकी तरफ से पयाम आ रहे हैं !!

मस्ती भरी नज़र का नशा है मुझे अभी , ये जाम दूर रख दो पीलोंगा फिर कभी !

महफिल में बार -बार किसी पर नज़र गई , हमने बचाई लाख लेकिन उधर गई |

उनकी निगाह में कोई तो जादू ज़रूर था , जिस पर पड़ी उसीके जीगर तक उतर गई |

उस बेवफा की आँख से आँसू छलक पड़े , हसरत भरी निगाह बड़ा काम कर गई |

मूझे तुम नज़र से गिरा तो रहे हो , मूझे तुम कभी भी भुलाना सकोगे |

में नज़र से पी रहा हों , ये समा बदल ना जाए , ना झुकाओ तुम निगाहें , कहीं रात ढल ना जाए |

मेरी ज़िंदगी के मालिक मेरे दिल पे हाथ रखना , तेरे आने की ख़ुशी मेरा दम निकल ना जाए |